आपकी सोशल मीडिया स्ट्रेटेजी और SEO कैसे साथ में काम कर सकते हैं

डिजिटल मार्केटिग से जुड़े सभी लोग सोशल मीडिया मार्केटिंग और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन का प्रयोग एक साथ करते हैं |

बहुत से लोगों का विश्वाश है की सोशल मीडिया मार्केटिंग और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन एक साथ कार्य नहीं करते हैं |

लोगों का ऐसा सोचना पूरी तरह गलत नहीं है क्युकी ये दोनों मार्केटिंग के प्रकार सीधी तरह से एक साथ जुड़े हुए नहीं होते हैं |

किसी भी वेबसाइट के सर्च इंजन में अच्छा परफॉर्म करने के लिए उस वेबसाइट की डोमेन अथॉरिटी और पेज अथॉरिटी का अच्छा होना | अथॉरिटी रैंक पाने के लिए वेबसाइट के बैकलिंक्स का अच्छी मात्रा में होना अनिवार्य है |

डोमेन अथॉरिटी ओ बढाने के लिए सोशल मीडिया पे शेयर किये जाने वाले आर्टिकल्स की दावेदारी अधिक होती है |

जिन वेबपेज को अधिक से अधिक शेयर और कमेंट्स मिलते हैं उन पेजों का बाउंस रेट कम होता है और औसत व्यू टाइम भी बढ़ता है |

जितने सोशल मीडिया यूजर किसी शेयर किये गए वेब पेज को देखते हैं वो या तो उसे क्लिक कर के वेबसाइट तक पहुच जाते हैं या उसे आगे शेयर कर देते हैं |

अच्छे लिखे हुए कंटेंट के शेयर होने की संभावना भी अधिक होती है |

आपके फेसबुक और ट्विटर के FOLLOWER की संख्या आपके SEO में मदद नहीं करती है क्यूंकि सर्च इंजन के रोबोट आपके फेसबुक पेज के FOLLOWERS को स्कैन नहीं कर सकते |

आपको मुख्या रूप से इन FOLLOWERS को इस तरह से देखना चाहिए की ये आपके द्वारा लिखे गए कंटेंट के लिए सही होते हैं |

सही और टार्गेटेड यूजर तक अपने कंटेंट को पहुचने से आपकी वेबसाइट की ऑथरिटी रैंक बढती है और विजिटर भी मिलते है |

आपको ऐसे कंटेंट लिखने पे ध्यान देना चाहिए जो की सोशल मीडिया पर आसानी से डिस्ट्रीब्यूट हो सके |

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