परंपरागत मार्केटिंग (ट्रेडिशनल) और डिजिटल मार्केटिंग में क्या अंतर है ?
(अपडेटेड वर्जन – 2026 के परिप्रेक्ष्य में) परिभाषा और इतिहासपरंपरागत मार्केटिंग (Traditional Marketing) वह तरीका है जिसका इस्तेमाल पिछले 100-150 सालों से लगातार होता आ रहा है। इसमें अखबार, मैगजीन, पम्फ्लेट, होर्डिंग, बैनर, टीवी विज्ञापन, रेडियो जिंगल्स, डायरेक्ट मेल, टेलीमार्केटिंग, इवेंट स्पॉन्सरशिप और आउटडोर एडवरटाइजिंग जैसे माध्यम शामिल हैं। भारत में 1950-90 के दशक में…